सांस्कृतिक विरासत से मिथिला की पहचान – दैनिक जागरण

Posted on: Wednesday, Oct 11, 2017

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 सांस्कृतिक विरासत से मिथिला की पहचान - दैनिक जागरण
सांस्कृतिक विरासत से मिथिला की पहचान
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ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सुरेंद्र कुमार ¨सह ने कहा कि मिथिला संस्कृति व विरासत के लिए जाना जाता है। संगीत एवं नाट्य विभाग के 45वें स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बुधवार को उन्होंने कहा कि मिथिला की पहचान उसकी सभ्यता, संस्कृति व विरासत है। जिसके निर्माण में व रक्षा में संगीत एवं नाट्य विभाग की भूमिका महत्वपूर्ण है। विभाग लगातार प्रयास में लगा हुआ है। इसके लिए विभागाध्यक्ष सहित विभाग के शिक्षक व कर्मी बधाई के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति में कार्य करने की अपनी अलग- अलग क्षमता होती हैं। आवश्यकता है …

About Mithila

Mithila is an ancient cultural region of South Nepal and North India lying between the lower ranges of the Himalayas and the Ganges River. The Nepal border cuts across the top fringe of this region. The Gandak and Kosi Rivers are rough western and eastern boundaries of Mithila. The Ramayana records a dynastic marriage between Prince Rama of Ayodhya and Sita, the daughter of Raja Janak of Mithila. The town of Janakpur, in the northern Nepali section of Mithila, is believed to be Janak's old capital.

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